अन्य राष्ट्रीय

क्रीमीलेयर की वार्षिक आय के निर्धारण को लेकर भाजपा में मची है उठापटक 

Income declaration for OBC creamy layer became biggest internal dispute problem for BJP in UP
Income declaration for OBC creamy layer became biggest internal dispute problem for BJP in UP

क्रीमीलेयर की वार्षिक आय की गणना में वेतन और कृषि आय शामिल करने से पिछड़े समाज का होगा अहित:- राकेश राठौर

Bharatvani Samachar: लखनऊ, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण में क्रीमीलेयर को तय करने के लिए ‘वेतन’ को शामिल करने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल क्रीमीलेयर को तय करने के लिए वेतन या कृषि से आय को नहीं जोड़ा जाता है। इसे लेकर खुद बीजेपी के अंदर उठापटक शुरू हो गई है। अन्य पिछड़ा वर्गों के कल्याण संबंधी समिति के सभापति और बीजेपी के सतना से सांसद गणेश सिंह के लिखे पत्र के समर्थन में अब ओबीसी वर्ग से आने वाले नेता भी उतर आए हैं। अपील का ही नतीजा है कि सीतापुर सदर से विधायक राकेश राठौर ने इस संबंध में प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखी है। क्रीमीलेयर की सीमा को बढ़ाकर 15 लाख करने की मांग का समर्थन करते हुए विधायक राकेश राठौर ने इसमें वेतन और कृषि आय को शामिल न करने की पुरजोर तरीके से मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि प्रधानमंत्री स्वयं ओबीसी समाज से आते हैं ऐसे में उनके कंधों पर भी इस समाज के हितों को बचाये रखने का बड़ा दारोमदार है। उन्होंने पत्र में लिखा कि मुझे यकीन है कि पीएम समाज का अहित बिल्कुल नहीं होने देंगे। इसी के साथ ही नीट जैसी परीक्षाओं में ओबीसी को आरक्षण न देने को भी उन्होंने वर्ग पर बड़ा हमला बताया है। दरअसल सरकार एक तीर से दो निशाने लगाने की फिराक में है। एक तो कहने को ये हो जायेगा कि उसने क्रीमीलेयर की अधिकतम सीमा बढ़ा दी और साथ ही इसमें वेतन और कृषि से होने वाली आय को जोड़कर वे ओबीसी के एक बड़े वर्ग को आरक्षण का फायदा उठाने से भी रोक देगी।  आपको बता दें कि गणेश सिंह ने इसी को लेकर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। उन्होंने लिखा है कि उनकी समिति ने क्रीमीलेयर की सीमा को बढाकर 15 लाख किये जाने की सिफारिशकी थी, इस पर केंद्र सरकार 12 लाख तक बढ़ाने पर विचार कर रही है मगर इसमें सकल वार्षिक आय में वेतन और कृषि आय को भी जोड़ा जा रहा है, जो कि गलत है। उन्होंने आगे लिखा है कि इस सन्देश को सोशल मीडिया के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा फॉरवर्ड किया जाये। वैसे भी ओबीसी के बैकलॉग के तमाम पद खाली पड़े हुए हैं, योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं। यदि सरकार ने वेतन और आय को जोड़ दिया तो एक बड़ा वर्ग आरक्षण के अधिकार से वंचित हो जायेगा। क्योंकि क्रीमीलेयर की सीमा से अधिक आय वालों को ओबीसी के तहत सरकारी नौकरियों और शिक्षा में मिलने वाले 27 प्रतिशत आरक्षण की सीमा से बाहर रखा जाता है।

About the author

Editor@Admin

आज कल के कॉर्पोरेट कल्चर के इस दौर में हर बात ख़ास की कही जा रही है और हर बात खास की सुनी जा रही है। भारत वाणी समाचार एक जरिया बनना चाहता है जिसमें हर आम इंसान अपनी कह भी सके और अपनी सुना भी सके। यहाँ पर हर एक का एक कोना है जिसे जो कहना है कहे और जिसे जो भी सुनाना है सुनाए शर्त बस इतनी है की मर्यादाओं का संयमपूर्वक पालन किया जाये। पर ध्यान रखें की खबरें तथ्यों पर आधारित ही रहे।

Add Comment

Click here to post a comment

Live TV

Weather Forecast

Facebook Like

Advertisement1

जॉब करियर

Advertisements2