अन्य राष्ट्रीय

राफेल की मची धूम अम्बाला एयरबेस पर हुआ कुछ ऐसे स्वागत

Rafel fighter jets booms in India at Ambala Airbase
Rafel fighter jets booms in India at Ambala Airbase

भारत आने के दौरान ‘मारक’ राफेल जेट कीयूएई  में हुई एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग

Bharatvani Samachar(Agency):  अम्बाला, फ्रांस से पांच राफेल विमान भारत के लिए उड़ान भर चुके हैं। कल बुधवार को ये लड़ाकू विमान भारत की धरती पर कदम रख लेंगे। वायुसेना के बेड़े में औपचारिक रूप से इन्हें 15 अगस्त के बाद ही शामिल किया जाएगा। भारतीय वायुसेना ने इन लड़ाकू विमानों के स्वागत की पूरी तैयारी कर ली है। माना जा रहा है कि एलएसी पर तनाव को देखते हुए इन्हें चीन सीमा पर तैनात किया जा सकता है। इसके अलावा यह भी तैयारी है कि दूसरा स्क्वाड्रन पश्चिम बंगाल में तैनात करने की तैयारी है। वायुसेना ने लड़ाकू विमानों के पहले बेड़े को खास नाम देने की भी तैयारी कर ली है।  भारत की ओर आते हुए इन फाइनल प्‍लेंस मेें संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) के अल धफरा बेस में फ्रांसीसी वायुसेना के रीफ्यूलिंग टैंकर से ईंधन भरा गया। एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग के तहत हवा में ही विमानों में ही ईंधन भरा गया। वायुसेना ने राफेल विमान के रखरखाव की भी पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए बुनियादी ढांचा विकसित किया जा चुका है। इन दो एयरबेस पर 400 करोड़ रुपये की लागत से शेल्टर, हैंगर और अन्य सुविधाओं समेत सभी बुनियादी ढांचे को विकसित किया गया है। फ्रांस में तैयार हुए इन राफेल विमानों के बेड़े को भारत आने पर नया नाम मिलेगा। इन विमानों के बेड़े को वायुसेना की 17वीं स्क्वाड्रन के तौर पर जाना जाएगा। राफेल विमान के स्क्वाड्रन का नाम ‘गोल्डन एरो’ होगा। राफेल विमानों को उड़ाने के लिए भारतीय वायुसेना के पायलटों को खास ट्रेनिंग दी गई है। साल 2018 में इस खास ट्रेनिंग के लिए एक फाइटर पायलट, एक इंजीनियर और चार तकनीकी विशेषज्ञों को पहले ग्रुप में चुना गया था। यह ट्रेनिंग कार्यक्रम वर्तमान में भी चल रहा है। इसके लिए अभी 5 राफेल विमानों को फ्रांस में ही रखा गया है ताकि पायलटों को ट्रेनिंग दी जा सके। फ्रांसीसी कंपनी दसाल्ट ने 10 राफेल विमान अभी दिए हैं। इनमें से पांच फ्रांस में ही हैं, जिन पर वायुसेना के पायलट ट्रेनिंग लेंगे। भारतीय दूतावास के मुताबिक यह ट्रेनिंग कार्यक्रम अभी नौ महीने और चलेगा। सभी 36 विमानों की डिलीवरी 2021 के अंत तक हो जाएगी।

About the author

Editor@Admin

आज कल के कॉर्पोरेट कल्चर के इस दौर में हर बात ख़ास की कही जा रही है और हर बात खास की सुनी जा रही है। भारत वाणी समाचार एक जरिया बनना चाहता है जिसमें हर आम इंसान अपनी कह भी सके और अपनी सुना भी सके। यहाँ पर हर एक का एक कोना है जिसे जो कहना है कहे और जिसे जो भी सुनाना है सुनाए शर्त बस इतनी है की मर्यादाओं का संयमपूर्वक पालन किया जाये। पर ध्यान रखें की खबरें तथ्यों पर आधारित ही रहे।

Add Comment

Click here to post a comment

Live TV

Weather Forecast

Facebook Like

Advertisement1

जॉब करियर

Advertisements2