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बच्चों की फीस माफी को लेकर मंगलवार विधानसभा के सामने इकट्ठा होकर अधिवक्ता करेंगे मुख्यमंत्री से अपील

Bharatvani Samachar(Agency) : लखनऊ, कोरोना वायरस की वैश्विक महामारी के साथ ही आर्थिक संकट की आहट भी देश में दिखाई दे रही है। अर्थशास्त्रियों को 2008 की वैश्विक आर्थिक मंदी याद आ गई है, क्योंकि बारह साल बाद बाजार में एक बार फिर उसी तरह के हालात दिखाई दे रहे हैं। हालांकि दोनों ही बार की परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। कोरोनकाल के बीच जहां सभी उद्योग-धंधे चौपट हो चुके हैं, नौकरियों का अकाल पड़ चुका है पर इस सब के बीच अभिभावकों पर स्कूल की भारी भरकम फीस जमा करने का दबाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सरकार ने शुरुआती तौर पर कुछ राहत तो दी थी मगर अब उसकी भी मियाद खत्म की जा चुकी है और आमजन को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। इसी समस्या को लेकर अधिवक्तागण काफी चिंताजनक हैं। सरकार को दी गई समयसीमा के खत्म होने के पश्चात अधिवक्ताओं ने विधानसभा पर आज दोपहर 12 बजे शांतिपूर्वक तरीके से अपनी मांग को उठाने का फैसला लिया है।  सोमवार को प्रेस को संबोधित करते हुए सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने के कारण अब उनके पास सड़क पर उतरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। अधिवक्ताओं समेत समस्त प्रदेश के अभिवावकों के ऊपर स्कूल प्रबंधकों द्वारा फीस जमा करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है। कोरोनकाल में जब अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट हो चुकी है, लोगों के पास आय के साधन खत्म हो चुके हैं ऐसे में वे कहां से बच्चों की फीस जमा करेंगे। लखनऊ बार के महामंत्री जीतेन्द्र यादव जीतू ने कहा कि जब स्कूल बंद हैं और पढ़ाई के नाम पर सिर्फ ऑनलाइन मीट कर खानापूर्ति की जा रही है तो ऐसे में किस बात की फीस स्कूल प्रशासन वसूलने की चेतावनी दे रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा माफियाओं का नेक्सस इतना हावी है कि सरकार उनके आगे बेबस दिखाई दे रही है और वह प्रदेश के करोड़ों अभिवावकों की मांगों के प्रति मौन है। अब हम ऐसा होने नहीं देंगे और प्रदेश के समस्त अभिवावकों की तरफ से पुरजोर तरीके से अपनी मांग सरकार के सामने रखेंगे। सेंट्रल बार के महामंत्री संदीप पांडेय ने कहा कि मंगलवार को सभी लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए अपने घरों से चटाई, पानी की बोतल, टिफिन बॉक्स, कागज-कलम लेकर लाकर विधानसभा के सामने बैठेंगे और वहीं से मुख्यमंत्री जी को बच्चों की फीस माफी का प्रार्थना पत्र लिखकर देंगे। इसके लिए बकायदा एक बॉक्स भी वहीं रखा जाएगा जिसमें सभी लोग अपना पत्र डालेंगे।

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