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बीएचयू ने रचा ओबीसी के साथ भेदभाव का नया इतिहास

Caste Discrimination : BHU campus is writing a new history of caste discrimination
Caste Discrimination : BHU campus is writing a new history of caste discrimination
  • बीएचयू की नियुक्तियों में अन्य पिछड़े वर्गों के साथ भेदभाव का सिलसिला जारी  Caste Discrimination in BHU

  • शिक्षकों ने लिखा कुलपति तथा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को पत्र  Caste Discrimination in BHU

Bharatvani Samachar (Agency): बीएचयू में नियुक्तियों का विवाद बढ़ता जा रहा है। यहां हर विभाग में प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग प्रकार के मापदंड अपनी सुविधा के अनुसार बना लिए गये हैं और पूर्व में बनाये गए नियमों की अजीबो-गरीब व्याख्या अपनी सुविधा के अनुसार की जा रही है। इसी तरह का एक ताजा मामला प्रकाश में आया है जिससे पता चलता है कि शिक्षक पदों पर कुछ विभागों में शार्टलिस्टिंग में योग्य पाये गये अभ्यर्थियों को एकल योग्य अभ्यर्थी (Single Eligible Candidate) कह कर साक्षात्कार से वंचित किया जा रहा तथा कुछ विभागों में उनके साक्षात्कार लिये जा रहे हैं और उनका चयन भी किया जा रहा है। Caste Discrimination
इस प्रकार का विरोधाभासीपूर्ण एवं मनमाना कार्य बीएचयू द्वारा बनाये गये नियम “बीएचयू ऑर्डिनेंस 11 A (1) V” (Interview could not be conducted for single eligible candidate of OBC post under BHU Ordinance 11 A (1) V) की आड़ में किया जा रहा है। यह नियम भेदभावपूर्ण, विरोधाभासी और गैर जरूरी है क्योंकि यह किसी विभाग में आवेदन करने वाले एकल योग्य अभ्यर्थी (Single Eligible Candidate) को चयन का अवसर प्रदान करता है जबकि किसी दूसरे विभाग के योग्य किन्तु एकल अभ्यर्थियों (Single Eligible Candidate) को चयन के अवसर से वंचित कर देता है। Caste Discrimination

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एकल योग्य अभ्यर्थी (Single Eligible Candidate) के नाम पर साक्षात्कार नहीं करने का यह नियम कितना विरोधाभाषी और भेदभावपूर्ण है इसका अंदाजा हाल ही में कुछ विभागों में सम्पन्न शिक्षकों की चयन प्रक्रिया से लगाया जा सकता है से लगाया जा सकता है-, उदाहरण के लिए कुछ दिन पहले संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान के धर्मागम विभाग में शार्टलिस्टिंग में एकमात्र योग्य ओबीसी अभ्यर्थी होने पर साक्षात्कार सम्पन्न किया गया। इसी प्रकार कृषि विज्ञान संस्थान के कई विभागों में एकल योग्य अभ्यर्थी (Single eligible candidate) होने पर न केवल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिये गये बल्कि उन एकल अभ्यर्थियों का चयन भी किया गया। इसके विपरीत दर्शनशास्त्र विभाग में शार्टलिस्टिंग में एकल योग्य अभ्यर्थी (Single Eligible Candidate) पाये जाने पर भी उसे साक्षात्कार के लिए नहीं बुलाया गया। Caste Discrimination
इसके अतिरिक्त यह कैसा नियम कि जिसके तहत BHU के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीकल साइंस में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर तथा प्रोफेसर के पद के लिए शार्टलिस्टिंग में अकेले योग्य पाये गये अभ्यर्थी (Single Eligible Candidate) का इंटरव्यू हो सकता है और उसका चयन भी किन्तु अन्य विभागों/संकायों में नहीं ! Caste Discrimination 
इस तरह बीएचयू के द्वारा बनाया गया “बीएचयू ऑर्डिनेंस Annexure A (1)” भेदभावपूर्ण, विरोधाभाषी और नागरिकों के मौलिक अधिकार “समता का अधिकार” के विरुद्ध है और भारतीय संविधान की मूल भावना का विरोधी है। इस नियम का प्रयोग अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों को बीएचयू में नियुक्ति से वंचित करने के लिए हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है तथा उन्हें रोकने का सुनियोजित षडयंत्र प्रतीत हो रहा है। Caste Discrimination

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