अंतर्राष्ट्रीय

अमेरिका में चीन विरोध की सुनामी

tsunami to agitations raised in America against China
tsunami to agitations raised in America against China

Bharatvani Samachar(Agency):न्यूयॉर्क अमेरिका के न्यूयॉर्क में तिब्बती समुदाय के सदस्यों ने चीन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया व लद्दाख में एलएसी पर शहीद हुए विशेष फ्रंटियर फोर्स के कमांडो नीमा तेन्जिन को श्रद्धाजंलि दी। पूर्वी लद्दाख में 29-30 अगस्त को हुई चीनी सेना से झड़प में भारत के अर्धसैनिक इकाई विशेष फ्रंटियर फोर्स के तिब्बती-भारतीय कमांडो नीमा तेन्जिन की हत्या कर दी गई थी। दुनिया भर में तिब्बती समुदाय लद्दाख में चीन की हालिया आक्रामकता को लेकर गुस्से में हैं । प्रदर्शन के दौरान तिब्बती समुदाय के लोगों ने बीजिंग पर पिछले कई दशकों से तिब्बत पर कब्जा करने का आरोप लगाया। तिब्बती राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष त्सेतन लाहग्याल के नेतृत्व में बहादुर एसएफएफ कमांडो नीमा तेन्जिन को श्रद्धांजलि के रूप में एकजुटता की प्रार्थना की। बता दें कि गैर-कमीशन अधिकारी तिब्बती शरणार्थी समुदाय से संबंधित हैं जो चीनी अत्याचारों के कारण भारत में बस गए हैं।
विशेष फ्रंटियर फोर्स एक भारतीय सुरक्षा इकाई है जो मुख्य रूप से उन हजारों तिब्बती शरणार्थियों के लिए है जो भारत को अपना घर कहते हैं। इसका गठन चीन के साथ 1962 के युद्ध के तुरंत बाद हुआ था। एक पूर्व एसएसएफ सैनिक मिग्मर टेसरिंग रंगजेन ने कहा कि वे सीमा पर वापस जाने के लिए तैयार हैं और “तिब्बती हमेशा से भारत के साथ हैं। उन्होंने कहा कि हमें भारत-चीन सीमा नहीं बल्कि तिब्बत-भारत सीमा कहना चाहिए।

अमेरिका में उइगर कार्यकर्ता ने चीन के खिलाफ किया प्रदर्शन

वाशिंगटन उइगर अमेरिकी कार्यकर्ता रुशन अब्बास ने उत्तर पश्चिमी चीन के शिनजियांग प्रांत में अपनी बहन की नजरबंदी की दूसरी वर्षगांठ पर अमेरिका में चीनी दूतावास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। अपने ट्विटर पोस्ट में यूएस चीनी राजदूत को टैग करते हुए रुशन अब्बास ने पने परिवार के सदस्यों की सुरक्षित और शीघ्र रिहाई की मांग की।
बहन गुलशन अब्बास की 2 साल से नजरबंदी पर रूशन ने परिवार के सदस्यों की सुरक्षित और शीघ्र रिहाई की मांग करते हुए लिखा कि उसे सबूत दिया जाए कि वे जिंदा हैं ! बता दें कि चीन में अल्पसंख्यकों खास कर उइगर मुसलमानों के दमन और उनके साथ दुव्र्यवहार के मामले नए नहीं हैं। वहां मुस्लिमों के लिए काम करने वाले संगठन इसे लेकर चीन के खिलाफ आवाज भी उठाते आए हैं। अब कैंपेन फॉर उइगर संगठन की रुशन अब्बास ने इसे लेकर इस्लामिक देशों से कदम उठाने की अपील की है। इससे पहले भी संगठन के ट्विटर हैंडल पर जारी एक वीडियो संदेश में उइगर कार्यकर्ता रुशन अब्बास ने कहा था कि सहायता न मिलने से उइगर मुसलमान टूट गए हैं। उन्होंने इस्लामिक देशों से अपील की कि वह चीन में मुसलमानों पर किए जा रहे अत्याचार को लेकर आवाज उठाएं और प्रभावी कदम उठाएं।

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